यादें कुछ अनकही , अनसुनी सी यादें ..
यादें जो याद आती है , तो आखो मैं आशू लाती है
यादें जो याद आती है , तो होठो पर एक मीठी हसी छोड़ जाती है ......
ऐसी होती है यादें.........
यादें कुछ अनकही , अनसुनी सी यादें.....
यादें जो भुलाए नहीं भूलती
यादें जो रह रह कर याद आती है .......
यादें जिसमे दोस्तों का रूठना है
यादें जिसमे दोस्तों को मानना भी है
यादें जो हर वक़्त याद आती है ......
याद कुछ अनकही अनसुनी सि यादें ............
यादें जिनमे बचपन की शरारते है
यादें जिनमे स्कूल की मस्ती है
यादें जिनमे कॉलेज की प्यार भरी बातें है
ये यादें क्यों याद , क्यों रुलाती और क्यों हसती है ये यादें
यादें कुछ अनकही , अनसुनी सि यादें.........................
No comments:
Post a Comment